सम्पादक :- दीपक मदान
देवभूमि उत्तराखंड के लोक पर्व ‘ईगास बग्वाल’ के शुभ अवसर पर, आज पुलिस मैदान गोपेश्वर में जिला प्रशासन चमोली द्वारा एक अभूतपूर्व और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन हमारी समृद्ध पहाड़ी संस्कृति और लोक परंपराओं को पुनर्जीवित करने का एक सफल प्रयास रहा, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आमजन तक, सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ गोपीनाथ संगीतशाला के कलाकारों ने इगास गीत और झुमैलो नृत्य के साथ किया। जिसके पश्चात मंच पर राजराजेश्वरी सहायता समूह, बालेश्वर स्वयं सहायता समूह एवं गोपीनाथ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने लोकगीतों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी विशेष रूप से, भोटिया जनजाति की महिलाओं ने अपनी स्थानीय और आकर्षक वेशभूषा में प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के उपरांत, पर्व के सबसे रोमांचक और ऊर्जा से भरे अंग ‘भैलू’ का आयोजन किया गया। इस पारंपरिक लोक-उल्लास में जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार स्वयं शामिल हुए। दोनों शीर्ष अधिकारियों ने न केवल उपस्थित रहे, बल्कि जनता के साथ मिलकर पूरे जोश के साथ भैलू खेला। प्रशासनिक मुखियाओं की इस जन-सहभागिता ने स्थानीय जनता में नया उत्साह भर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा- “ईगास बग्वाल केवल एक त्यौहार नहीं है, यह हमारी सामूहिक चेतना और पहाड़ी संस्कृति की जीवंत पहचान है। हमने सिर्फ पर्व नहीं मनाया, बल्कि अपनी परंपराओं को पुनर्जीवित किया है। जिलाधिकारी से लेकर हर नागरिक ने भैलू में जिस जोश से हिस्सा लिया, वह दिखाता है कि हमारी संस्कृति की जड़ें कितनी मजबूत हैं।” इस दौरान परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, जिला विकास अधिकारी केके पंत, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट,मुख्य अग्निशमन अधिकारी गिरीश बिष्ट अधिशासी अधिकारी मानवेंद्र सिंह, जिला प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी धीरेंद्रनाथ द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
