सम्पादक :- दीपक मदान
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सेक्टर-2, भेल रानीपुर, हरिद्वार में क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव 2025 का भव्य आयोजन 20 सितंबर 2025 को किया गया ।

इस अवसर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ब्रज प्रदेश और उत्तराखंड से शिशु, बाल, तरुण और किशोर वर्ग के कुल 425 विद्यार्थियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन कराया । ये सभी प्रतिभागी विद्यालय, संकुल और प्रांत स्तर की प्रतियोगिताओं को जीतकर क्षेत्रीय स्तर पर पहुंचे हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ: महोत्सव का शुभारंभ मुख्य वक्ता डोमेश्वर साहू (क्षेत्रीय संगठन मंत्री), मुख्य अतिथि आदेश चौहान (विधायक, रानीपुर, हरिद्वार), विशिष्ट अतिथि संजय पंवार (नगर प्रशासक, भेल हरिद्वार), हरिशंकर (प्रांतीय संगठन मंत्री, ब्रज प्रांत) डॉ विजयपाल सिंह (प्रदेश निरीक्षक विद्या भारती

उत्तराखंड), डॉ रजनी कांत शुक्ल (मंत्री विद्या भारती ) शोरण, होडिल सिंह, कमल कुमार, यशपाल सिंह, विनोद रावत , ईश्वरी दत्त , हरबीर सिंह , नत्थी लाल बंगवाल , उपेंद्र , प्रकाश , शिवकुमार, आकाश माहेश्वरी, मनोज रियाल, गिरीश चंद्र , नरेश शास्त्री , अनिल और विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अंथवाल द्वारा माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम के अगले चरण में सर्वप्रथम माँ सरस्वती की वंदना की गई ।सभी

अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अंथवाल ने करवाया। कार्यक्रम का संचालन नत्थी लाल बान्हवाल की ने किया। उन्होंने कहा कि महोत्सव में विविध सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें सांस्कृतिक लोक नृत्य, मूर्ति कला, कथा कथन, तात्कालिक भाषण, गीत
अंत्याक्षरी, चित्रकला, स्वरचित काव्य पाठ और आचार्य पत्र वाचन शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में विजयी होने वाले विद्यार्थी अखिल भारतीय स्तर पर अपनी प्रस्तुति देने का अवसर प्राप्त करेंगे।कार्यक्रम के अगले चरण में मुख्य वक्ता डोमेश्वर साहू ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति की समृद्धि और युवाओं में सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यह महोत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का एक मंच

है।”मुख्य अतिथि आदेश चौहान ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा, “ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं और उन्हें राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।”विशिष्ट अतिथि संजय पंवार ने अपने भाषण में शिक्षा और संस्कृति के समन्वय पर बल देते हुए कहा, “सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं। हरिशंकर ने अपने संबोधन में ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करते हुए प्रतिभागियों को अपनी प्रस्तुतियों में भारतीयता को और गहराई से प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिताओं में निर्णायकों के रूप में डॉ राधिका, विंदुमती द्विवेदी, डॉ दीपा गुप्ता, केशव दत्त , अखिलेश मैथानी , आशा शाह, राजकुमारी थरान ,रेखा सिंघल , राजकुमार तथा करुणा रहे। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान करता है , बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। क्षेत्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी अखिल भारतीय स्तर पर अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन करेंगे, जो उनके लिए गर्व का क्षण होगा।

यह महोत्सव सांस्कृतिक एकता और रचनात्मकता का अनुपम संगम है , जिसमें सभी प्रतिभागी अपनी प्रतिभा से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत मे विद्यालय के प्रबंधक अजय शर्मा ने सभी अभ्यागतों का कार्यक्रम में उपस्थित होने व इसे सफल बनाने के लिए आभार एवम धन्यवाद प्रकट किया। कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

