दीपक मदान
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, भेल सेक्टर-2, रानीपुर हरिद्वार के माधव भवन सभागार में “सप्तशक्ति संगम मातृ सम्मेलन श्रृंखला का चतुर्थ मातृ सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया, जिसमें प्रांत एवं जिले की प्रतिष्ठित मातृशक्ति ने मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती कमला जोशी जी

( सामाजिक सेविका और महिला आयोग की सदस्या ) ने अपने उद्बोधन में गुरु गोविंद जी तथा बालकों को शिक्षा के साथ संस्कार देने और मोबाइल से उचित दूरी बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। श्रीमती हिमांशी शर्मा जी ( पूर्व छात्रा सरस्वती शिशु/ विद्या मंदिर, राजकीय महिला इण्टर कॉलेज की भौतिक विज्ञान की प्रवक्ता ) ने कहा कि स्त्री समाज की कर्णधार है और उसे अपने कर्तव्यों का बोध सदैव जागृत रखना चाहिए। मोबाइल और प्लास्टिक के संबंध में जागरूक किया। कार्यक्रम अध्यक्षा श्रीमती पूनम भट्ट जी ( सरस्वती विद्या मंदिर रानीपुर हरिद्वार की अभिभावक ) ने भारतीय नारी के अंतर्निहित गुणों और बालिका शिक्षा के महत्व पर मातृ शक्ति को जागरूक किया। वहीं जिला प्रमुख श्रीमती नेहा जोशी जी ने बताया कि सप्तशक्ति संगम के आयोजन मातृशक्ति में स्वधर्म, संस्कार और कर्तव्यबोध जगाने हेतु किए जा रहे हैं। श्रीमती गीता बहुगुणा जी ( सप्तशक्ति संगम की जिला सहायक) द्वारा पंच परिवर्तन ( स्व बोध, सामाजिक समरसता, है कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक शिष्टाचार) तथा कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की गईं। कार्यक्रम का कुशल संचालन विद्यालय की पूर्व छात्रा प्रियांशी जी, रितिका जी तथा सम्मानित अतिथियों का परिचय विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती हेमा जोशी जी द्वारा तथा आभार व्यक्त श्रीमती नेहा जोशी जी द्वारा किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा सामूहिक नृत्य, श्रीमती दीपा जोशी जी, श्रीमती सुष्मिता जी द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया । श्रीमती रितु पाल जी, श्रीमती पुष्पा देवी जी और श्रीमती शांति देवी जी द्वारा भारतीय महिलाओं के चरित्र पर आधारित मंचन प्रस्तुत कर यह संदेश दिया कि नारी अपने संस्कार, साहस और प्रतिभा के बल पर समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सकती है।
