सम्पादक :- दीपक मदान
कोतवाली कर्णप्रयाग क्षेत्रान्तर्गत के ग्राम तोप में बीते 1 जनवरी से चल रही सात दिवसीय भव्य पांडव लीला (गैंडा कौथिग) का आज श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में पुलिस अधीक्षक चमोली, सुरजीत सिंह पँवार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर देव आशीर्वाद प्राप्त किया।
जैसे ही पुलिस अधीक्षक गाँव पहुँचे, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल और तोप, भटोली व कंडवाल के ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, पुष्प मालाओं और बैज अलंकरण के साथ उनका भव्य स्वागत किया। लीला के अंतिम दिन का विशेष आकर्षण ‘गैंडा वध’ का मंचन रहा। पौराणिक कथाओं के अनुसार पांडवों के शौर्य और संघर्ष को जब स्थानीय कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया, तो उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया।
अपने संबोधन में एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने आयोजन की भव्यता की सराहना करते हुए ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा:, मैं इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूँ। व्यस्त पुलिसिंग के बीच जब हम अपनी संस्कृति और धार्मिक आयोजनों से जुड़ते हैं, तो एक नई ऊर्जा मिलती है। तोप गाँव के ग्रामीणों और आयोजकों ने जिस तरह से अपनी प्राचीन विरासत को सहेज कर रखा है, वह काबिले तारीफ है।”
कार्यक्रम में राजेन्द्र सिंह सगोई (पूर्व प्रमुख कर्णप्रयाग), जयवीर सिंह चौधरी (ग्राम पंचायत अध्यक्ष), राजेन्द्र सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, पाण्डव नृत्य समिति), पंकज सिंह बिष्ट (अध्यक्ष, युवक मंगल दल तोप), सुरेन्द्र सिंह पँवार(भूतपूर्व पुलिसकर्मी), प्रभारी निरीक्षक कर्णप्रयाग राकेश भट्ट, भूपेन्द्र गोदियाल (चौकी प्रभारी नौटी) सहित गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नंदा राजजात के महत्वपूर्ण पड़ाव ‘सेम’ का निरीक्षण
पांडव लीला के उपरांत, एसपी चमोली ने सेम गाँव का स्थलीय निरीक्षण किया। हिमालयी महाकुंभ ‘श्री नंदा राजजात यात्रा’ में सेम गाँव का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह गाँव राजजात यात्रा का वह पड़ाव है जहाँ से यात्रा अपने अगले और अधिक दुर्गम चरणों की ओर प्रस्थान करती है।निरीक्षण के दौरान एसपी चमोली ने गाँव के वरिष्ठ नागरिकों, प्रबुद्ध जनों और स्थानीय ग्रामीणों के साथ वार्ता कर मार्ग की स्थिति, यात्रियों के पड़ाव की व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों पर चर्चा की। एसपी चमोली ने ग्रामीणों से यात्रा के प्राचीन अनुभवों और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से संवाद किया, ताकि आने वाले समय में राजजात यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सके।
