सम्पादक :- दीपक मदन
ब्लूश आनंद भरणें, आईजी एसटीएफ/अध्यक्ष एसआईटी मय टीम के आज काठगोदाम क्षेत्र में, जहां उनकी टीम द्वारा (क्राइम सीन) का निरीक्षण किया गया। इस दौरान एफएसएल टीम के माध्यम से सामग्री आवश्यक रूप से जोड़ी गई। प्रकरण से संबंधित स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज किये जा रहे हैं। एसआईटी की ओर से की जा रही है कार्रवाई के संबंध में ब्लश आनंद भरने का आरोप लगाया गया है कि-
▪️उधमसिंहनगर पुलिस कार्यालय, थाना आईटीआई, ऑफिस पेज और अन्य अभिलेखीय एवं अभिलेखों में उपलब्ध इस प्रकरण से संबंधित समस्त अभिलेख एवं अभिलेखों को संरक्षित किया जा रहा है, ताकि अभिलेखों की सुचिता बनी रहे।
▪️ प्रकरण की एसआईटी टीम के अतिरिक्त स्थानीय पुलिस से पीड़ित परिवार के किसी भी सदस्य या गवाह से सहायक संपर्क न करने के उद्देश्य से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
▪️ संबंधित गवाहों की सुरक्षा के दृष्टिगत साक्ष्यों/संबंधित प्रकरणों से अन्य जिलों में स्थित आवासों में सुरक्षा गार्ड की सुविधा की जा रही है।
▪️तकनीकी विश्लेषण के लिए एसआईटी टीम में 3 सब इंस्पेक्टर, 2 हेड कांस्टेबल, 1 कांस्टेबल शामिल हैं-
1. उप निरीक्षक हेमन्त कठैत– तान लोहाघाट
2. उप-दर्शक एनिमेटेड फिल्म
3. उप निरीक्षक राधिका भंडारी-थाना चंपावत
4. हेड कांस्टेबल विनोद यादव- थाना बनबसा
5. हेड कांस्टेबल कमल कुमार– टनटनकपुर
6. बोस्नियाई भट्टाचार्या- सीताफल सेल, टनकपुर
देर शाम पीड़ित परिवार की एसआईटी से हुई मुलाकात में एसआईटी प्रमुख ने बताया कि इस नमूना प्रकरण की जांच/विवेचना साक्ष्य, साक्ष्य एवं तकनीकी संस्थान के आधार पर वैज्ञानिक के रूप में की जा रही है, इसी क्रम में आज एसआईटी की टीम की जांच के बाद आईटीआई पर पंजीकृत एफआईआर को भी थाना काठगोदाम में स्थानांतरित किया जा रहा है। दण्ड में विधिसम्मत सख्त वैधानिक जांच सुरक्षा की जाएगी।
