सम्पादक :- दीपक मदान
मुख्यमंत्री एवं उद्यम सिंह धामी ने आज उत्तराखंड भवन अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड (यूकेबीओसीडब्ल्यू), श्रम विभाग, उत्तराखंड द्वारा विकसित श्रमिक प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली (प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली – टीएमएस) का शुभारंभ किया। यह पोर्टल पंजीकृत पंजीकृत एवं उनके अल्पसंख्यक परिवारों के कौशल विकास को सशक्त एवं प्रौद्योगिकी-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार श्रमिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूर्णतः ऑनलाइन एवं बनाए रखने के उद्देश्य से इस पोर्टल का विकास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण कौशल के बाद नाता के सर्वांगीण विकास से संबंधित अन्य आवश्यकताओं पर भी सक्रिय इंजीनियरिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही राज्य के उद्यमों से कौशल आवश्यकताओं के संबंध में नियमित अंतराल लिया जाए, ताकि प्रशिक्षण को रोजगार से बेहतर रूप में जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के लिए प्लाम्बर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन आदिम समुदाय में प्रशिक्षण के लिए विशेष बल देने के निर्देश दिए, क्षेत्रीय आवश्यकताओं की क्षेत्रीय संरचनाओं से हो सके और रोजगार के अवसर बढ़ें। इससे संबंधित क्षेत्रीय बैलेंस मेनटेन स्टोर में भी सहायता मिलती है।
उन्होंने प्रशिक्षण विभाग फॉरवर्ड लिंकेज को प्रकाशित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जिसमें श्रम विभाग द्वारा संचालित डीबीटी मंजूरी की मान्यता और यूकेबीओसीडब्ल्यू को अपनी आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
इस पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावशाली व प्रभावशाली बनाया गया
श्रम विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अड़की ने कहा कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी योजनाओं को अधिक अनुदान और आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
इस दौरान श्रमसाध्य पी.सी. इम्पैनल्ड (इम्पैनलड) में इम्पैनलड (इम्पैनल्ड) के माध्यम से प्रशिक्षण पोर्टल (टीएमएस) के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदाताओं, मूल्यांकनकर्ताओं, प्रशिक्षण पेशेवरों का चयन भारत सरकार में पूरी तरह से ऑनलाइन प्रक्रिया की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपस्थिति एवं आकलन भी डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित होगा।
इस पोर्टल से—
– प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्ण शॉपकीपर्स्टी होगी।
– डुप्लिकेसी की प्रभावकारी रोकथाम होगी।
– प्रशिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा।
– अध्ययन का समृद्ध डाटाबेस उपलब्ध होगा।
– प्रशिक्षण प्रदाता एवं संबंधित अधिकारियों की निश्चित सुनिश्चितता होगी।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु सहित अन्य परिषद् अधिकारी उपस्थित रहे।
