सम्पादक :- दीपक मदान
हरिद्वार। मनसा देवी पैदल मार्ग पिछले सात महीनों से बंद होने के कारण इससे जुड़े लघु व्यापारियों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मार्ग बंद होने से सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो गई है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि दुकानें बंद होने के बाद से घर चलाना, बच्चों की फीस भरना और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना भी मुश्किल हो गया है। इसी समस्या को लेकर लघु व्यापार एसोसिएशन ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि 27 जुलाई 2025 को हुए हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मनसा देवी पैदल मार्ग बंद कर दिया था। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना जरूरी था, लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी मार्ग नहीं खोला गया। उन्होंने कहा कि करीब 150 अस्थायी दुकानों को हटाए जाने से कई परिवारों का रोजगार पूरी तरह समाप्त हो गया है।
संजय चोपड़ा ने बताया कि अधिकांश व्यापारी इसी मार्ग पर छोटी दुकानें लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि कई लोग बच्चों की स्कूल फीस तक जमा नहीं कर पा रहे हैं और घर की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मार्ग खोलने के साथ-साथ प्रभावित व्यापारियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी करनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लघु व्यापार एसो. मनसा देवी पैदल मार्ग इकाई अध्यक्ष कमल प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा भी जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर पैदल मार्ग नहीं खोला गया तो व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे।
इस बीच राजाजी नेशनल पार्क प्रशासन ने मामले के समाधान के लिए प्रशासन, वन विभाग और स्थानीय प्रतिनिधियों की एक संयुक्त समिति बनाने का प्रस्ताव रखा है। समिति सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुझाव देगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पत्रकार वार्ता में जुगल किशोर, संतोष, दयाराम गोस्वामी, राजकुमार, शशिकांत, रक्षाराम मौर्य, रमेश मौर्य, विजय गुप्ता और दिलीप मिश्रा सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
