शिवम सैनी की रिपोर्ट
रुड़की:- मानवता के जज़्बे से सराबोर मोहम्मद शमशाद पुत्र हाजी मोहम्मद कौसर (निवासी भगवानपुर) की कहानी ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, शमशाद पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री पहुंचाकर लौट रहे थे, तभी एक्सीडेंट का शिकार हो गए थे। हादसे में उनका एक हाथ हमेशा के लिए चला गया। आज सुबह उनके आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही भगवानपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। लोग उनके घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं और शमशाद के मानवता-सेवी जज़्बे को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शमशाद का जीवन संघर्ष और सेवा भावना का प्रतीक था। उन्होंने मुश्किल हालात में भी दूसरों की मदद को ही प्राथमिकता दी। उनकी यह मिसाल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
