दीपक मदान
हरिद्वार के हृदय स्थल और अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले रामघाट बाजार (पीलीभीत हाउस व जयपुरिया भवन के पास) में कुंभ मेला-27 के तहत चल रहे विकास कार्यों में स्थानीय ठेकेदार की भारी लापरवाही सामने आई है. पिछले डेढ़ से दो महीने से यहां पाइपलाइन (सीवर व अन्य) डालने के नाम पर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिसकी वजह से बाजार की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है. सड़कों पर गहरे गड्ढे, कीचड़ और सीवरेज का गंदा पानी फैलने के कारण देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री और स्थानीय दुकानदार गंभीर रूप से परेशान हैं.
बदहाल स्थिति से हो रहे हैं हादसे
मौके पर स्थिति इतनी भयावह है कि मुख्य बाजार की इस टूटी-फूटी सड़क और गड्ढों के कारण अब तक कई बैटरी रिक्शा पलट चुके हैं. तीर्थयात्री रोजाना चोटिल हो रहे हैं. बाजार के दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों का चलना दूभर हो गया है.

पूर्व मंडी अध्यक्ष संजय चोपड़ा का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मंडी अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तीखा रोष व्यक्त किया. उन्होंने मेला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है:
24 घंटे का अल्टीमेटम: पूर्व मंडी अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने मेला प्रशासन और संबंधित ठेकेदार (प्रदीप आदि) को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर रामघाट बाजार में सड़क की मरम्मत (प्लस्तर और फर्श का निर्माण) का कार्य पूरी तरह पूरा नहीं किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को भुगतने होंगे.

कड़ी कार्रवाई की मांग: उन्होंने मांग की है कि मेला अधिकारी और जिला प्रशासन (जैसे जिलाधिकारी मयूर दीक्षित) तुरंत इस मामले का संज्ञान लें और रामघाट, मोती बाजार, बड़ा बाजार सहित अन्य क्षेत्रों का खुद निरीक्षण कर ठेकेदारों की मनमानी पर लगाम कसें.
आंदोलन की चेतावनी: यदि तय समय सीमा के भीतर व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो स्थानीय दुकानदारों और जनता को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा तथा प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा.
