सम्पादक:-दीपक मदान
हरिद्वार। इस मौक पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज पालीवाल और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष विकास चंद्रा ने कहा कि माघ मठ में शिष्यों और उनके शिष्यों ने उत्तर प्रदेश सरकार की पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश की योगी और केंद्र सरकार की मोदी सरकार के खिलाफ काम किया है। इन पुजारियों का अपमान नहीं बल्कि 1990 के दशक के देश का अपमान है और हिंदू धर्म का यह अपमान नहीं है। युवा नेता अखिल शर्मा शौक़ीन और मनोज जाटव ने कहा कि मुगलशासको के समय के ब्राह्मणों को अपने जनेऊ की रक्षा करनी चाहिए थी। आस्था और भगवान राम के नाम पर सत्ता में आई सरकार अब राम के नाम पर राजनीतिक व्यापार और सत्ता के भक्तों में चोर भगवान के राजा के अपमान करने से भी डर नहीं रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की लोकतांत्रिक आस्था के खिलाफ ही काम कर रही है, उन्हें सिर्फ हिंदू धर्म की आस्था का वोट देना चाहिए। शिष्यों के शिष्य कमलेश पैट्रिन ने बताया कि योगी सरकार ने बच्चों के अपमान की कीमत कितनी चुकाई। अब हिंदू पुरा समाज संप्रदाय के समर्थन में उतर आया है और वह योगी सरकार के बिगुल बजा दिया है। योगी सरकार के दावे पर लगातार मिल रहे नोटिस से साफ है कि बीजेपी सरकार हिंदू विरोधी नहीं है, बल्कि बौद्धों पर भी अत्याचार करने से बाज नहीं आ रही है।
