सम्पादक :- दीपक मदान
जिला संरक्षण समिति की 69वीं बैठक में शामिल होने के लिए जिला कार्यालय में ऑडिटोरियम का आयोजन किया गया।बैठक में गंगा के किनारे स्थित मैथ्यू ने जल संस्थान हरिद्वार एवं पेय जल निगम के अधिकारियों को अपने विभाग द्वारा संचालित एस.टी.पी. के नियमित रूप से नामांकन करने का निर्देश दिया। तथा 14 एम.एल.डी. एस.टी.पी.सराय एवं 33 एम.एल.डी. एस.टी.पी. सालियर की सम्बद्ध फर्म पर अपने स्तर से रिपोर्ट कर प्रस्तुत करें, साथ ही नगर निगम के अधिकारियों को जिला हरिद्वार में निर्मित बिल्डरों के साथ, समूह के लिए नामांकित वॉयलाज बनाने के साथ ही नालो में भूसा व गोबर धारकों पर प्रतिष्ठित पक्के जाने के निर्देश दिए। नॉर्वे ने नगर निगम हरिद्वार को निर्देशित करते हुए कहा कि कस्साबान मजदूरों का माह में दो बार औचक निरीक्षण कर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाने पर एन0जी0टी0 के मान्यता के अनुसार अधिकतम जुर्माना एवं शेष के हिस्से की रिकवरी पूरी कर ली जाए। उन्होंने पुलिस, नगर निगम, सिंचाई विभाग और हरिद्वार को विभिन्न गंगा घाटों और नालों सहित चमकादड़ टापू, दूधियाबंद और दक्षिण काली माता मंदिर के आस-पास के निशानों को हटाने के निर्देश दिए। भी नालों पुराना पानी एवं कचरा न जाए, इसके साथ ही प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम द्वारा बताया गया है कि हरिद्वार क्षेत्र में साइन/सूचना बोर्ड पर विभिन्न स्थान रखे जाएं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, अपर डिवीजनल दीपेंद्र सिंह नेगी, एसीपी कैथेड्रल चौधरी, समिति के सदस्य सचिवालयपाल सिंह नेगी, उप प्रभागीय अधिकारी पुष्पा कथूरा, आयुक्त नगर निगम निगम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रिचा बैसाख, आयुक्त नगर निगम निगम निगम के उपाध्यक्ष मीरा रावत, समिति के सदस्य सचिवालय दीपेंद्र सिंह नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, समिति के सदस्य अपोलो कुंजपाल सिंह नेगी, एसीपी कमिश्नर लोनिवि दीपक कुमार नेगी।
