दीपक मदान
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, भेल सेक्टर-2, रानीपुर हरिद्वार के माधव भवन सभागार में “सप्तशक्ति संगम मातृ सम्मेलन” श्रृंखला का तृतीय मातृ सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया

गया, जिसमें प्रांत एवं जिले की प्रतिष्ठित मातृशक्ति ने मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ० कल्पना चौधरी जी (MDS, PGDHM, HOD seema Dental college, Hospital Rishikesh, संपर्क विभाग RSS हरिद्वार चिकित्सा प्रमुख, लीला गुप्ता हॉस्पिटल ज्वालापुर की ऑनर) ने अपने उद्बोधन में पंच परिवर्तन ( स्व बोध, सामाजिक समरसता,

कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण, नागरिक शिष्टाचार) तथा बालकों को शिक्षा के साथ संस्कार देने और मोबाइल से उचित दूरी बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। श्रीमती पूनम राणा जी (पूर्व छात्रा सरस्वती शिशु मंदिर, राजकीय कन्या इण्टर कॉलेज ज्वालापुर की प्रधानाचार्या ) कहा कि स्त्री समाज की कर्णधार है और उसे अपने

कर्तव्यों का बोध सदैव जागृत रखना चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्षा श्रीमती ऋचा गुप्ता जी (अध्यापिका सेंट मैरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ) ने भारतीय नारी के अंतर्निहित गुणों और बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला, कन्या भ्रूण हत्या पर मातृ शक्ति को जागरूक किया। वहीं सप्त शक्ति संगम जिला प्रमुख श्रीमती नेहा जोशी जी ने बताया कि सप्तशक्ति संगम के आयोजन मातृशक्ति में स्वधर्म, संस्कार और कर्तव्यबोध जगाने हेतु किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रियंका जी, श्री मति दीप्ति पाठक जी तथा आभार व्यक्त श्रीमती हेमा जोशी जी द्वारा किया गया। विद्यालय की आचार्या श्री मति इंदु सिंह जी और श्री मति तनूजा मेहता द्वारा सामूहिक गीत, सोनिया जी द्वारा एकल गीत प्रस्तुत किया गया । नीलम जी, करिश्मा जी , मंजू जी के निर्देशन में छात्राओं— जाह्नवी, लवली, माही, विभूति, गुंजन, यशिका, अनन्या आदर्श भारतीय महिलाओं के चरित्र पर आधारित मंचन प्रस्तुत कर यह संदेश दिया कि नारी अपने संस्कार, साहस और प्रतिभा के बल पर समाज में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सकती है।

