सम्पादक :- दीपक मदान
मुख्यमंत्री पुरुश सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावशाली प्रशासनिक निर्णयों के लिए आवश्यक निर्णयों के आधार पर आंध्र प्रदेश के बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम आस्थित (सैनिटोरियम-रातीघाट) परियोजना तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर पलायन कर रही है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर का देश-विदेश में लगातार आगमन होता है। आश्रम को सुचारु, सुरक्षित और व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से कैंचीधाम प्लास्टर का निर्माण फास्टेस्ट से किया जा रहा है, जिससे वर्षों से चली आ रही सीमेंट जैम की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। लोक निर्माण विभाग के लोक निर्माण विभाग के 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित कोलोराडो रोड निर्माण कार्य में हॉटमिक्स का पूरा भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 12 करोड़ से अधिक लोगों का प्रभावशाली उपयोग किया गया है। शेष 10.15 किमी मार्ग में माउंटेन स्केप कार्य के लिए 5 करोड़ 6 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वर्तमान में इस खंड में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्य तेजी से एवं गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं। परियोजना के अंतर्गत रातीघाट स्थित संयुक्त राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी बनाया जा रहा है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से उद्यम प्राप्त किया गया है और पुल निर्माण कार्य शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अस्थिभंग के पूर्ण होने से न केवल कैंचीधाम में लगने वाले जाम से जुड़े स्थान, बल्कि पहाड़ी जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय मार्ग-तीनों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से लेकर किचन रोड और इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर निर्मित 30 मीटर स्पैन के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ऑक्टोरल ने उत्तराखंड की प्राकृतिक प्रकृति, बेहतर संरचना और सुरक्षित वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें यहां किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं है और वे भविष्य में भी यहां आएंगे।
