सम्पादक :- दीपक मदान
मुख्यमंत्री पुस्र्ष सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में कृषि, पर्यटन, पर्यटन एवं उद्योग क्षेत्रों से संबद्ध विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की महत्वाकांक्षी मंशा के माध्यम से लोगों को रोजगार और जोड़ों से जोड़ने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से लोगों को जानकारी की संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाए, ताकि वे अपना लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को समय पर पूरा लाभ मिले, इस पर सभी विभाग विशेष ध्यान दें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बजट बजट का पूरा आउटकम प्राप्त हो जाए। उन्होंने सेब की अतिसघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए निर्धारित लक्ष्य के साथ समय दिया जाए और किसानों को अधिकाधिक प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों से संबंधित देनदारों का भुगतान समय पर हो। किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए राज्य में कीवी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से काम किया जाए। इसे देखते हुए ‘हनी मिशन’ के तहत शहद उत्पादन को बढ़ावा देने और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया। राज्य में शहद का साइंटिस्ट सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में वृक्षारोपण एवं मौन पालन के क्षेत्र में अच्छा काम हुआ है, उनके अध्ययन अधिकारी एवं विशेषज्ञ के अभिलेख उत्तर राज्यों में हैं। टैग प्राप्त हुआ है, जिसमें 18 कृषि एवं कल्याण से संबंधित हैं। इस वर्ष 25 अन्य पुतलियों को जी.आई. टैग के लिए जापान। राज्य में 134 रुपये की लागत से लागू स्टेट मिलेट एसोसिएशन के अंतर्गत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौनी और चीन को शामिल किया गया है। इसके तहत पहले चरण में 30 हजार हिट फिल्मों के 24 विकासखंडों और दूसरे चरण में 40 हजार हिट फिल्मों के 44 विकासखंडों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में 5 हजार से अधिक क्षेत्र को प्रभावित कर लगभग 10 लाख किसानों पर कब्ज़ा कर लिया गया है। मिलेट की विक्रीडीत- 216 विक्रीटेड केंद्र खोले गए हैं और विभिन्न विभाग के तहत 20 करोड़ रुपये का रिवाल्विंग फंड बनाया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 5 हजार टन मिलेट के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5,386 मिलियन टन टन का क्रेकिड भुगतान किया जा चुका है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई है कि मुख्यमंत्री एवं संगम योजना 2.0 के तहत चार वर्षों में 32 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष 33,620 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी 202.72 करोड़ रुपये की है। आगामी वर्ष में 9 हजार लोगों को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पर्यटन विभाग के अंतर्गत दीनाध्यक्ष उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत चार वर्षों में 780 होम स्टे स्थापित किये गये, अब तक 188.58 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया गया है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन प्रबंधन योजना के तहत चार वर्षों में एक हजार से अधिक लोगों का नामांकन हुआ है, जिसमें कुल 105 करोड़ रुपये से अधिक का वित्त पोषण शामिल है। राज्य में मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन क्षेत्र में 17,450 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है। बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पांडे, एस.एन. पांडे, वी. षणमुगम, धीरज गर्ब्याल संबंधित संबंधित उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
