सम्पादक :- दीपक मदान
पंच केदारों में अद्वितीय और अपनी कठिन चढ़ाई के लिए विख्यात चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आगामी 18 मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाने हैं। भगवान शिव के मुखारविंद के दर्शन हेतु इस यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए चमोली पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी रणनीतिक तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी हैं।
जिलाधिकारी चमोली, गौरव कुमार के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को पुलिस विभाग और विभिन्न संबंधित विभागों की एक 15 सदस्यीय संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने सगर से लेकर रुद्रनाथ धाम तक के चुनौतीपूर्ण पैदल यात्रा मार्ग का अत्यंत बारीकी से स्थलीय निरीक्षण किया। पुलिस विभाग की ओर से वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुमित खुगशाल सहित एसडीआरएफ टीम ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए इस निरीक्षण टीम में शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने मार्ग की भौतिक स्थिति, संवेदनशील स्थानों, विश्राम स्थलों तथा संभावित प्राकृतिक जोखिमों का गहन आकलन किया। साथ ही यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था, संचार प्रणाली एवं आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता का भी बारीकी से जायजा लिया गया ताकि कपाट खुलने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा सकें।
निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा मार्ग को और अधिक सुरक्षित एवं यात्री-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी संकलित किए गए। जिला प्रशासन द्वारा इन सुझावों के आधार पर समग्र कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने कहा कि : रुद्रनाथ धाम की यात्रा अन्य धामों की तुलना में भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत कठिन है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता चमोली पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि हम एक ऐसी मजबूत व्यवस्था तैयार करें जिससे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। चमोली पुलिस हर दुर्गम मोड़ पर आपकी सुरक्षा और सहायता के लिए संकल्पित है।
