दीपक मदान
डीजीपी दीपम सेठ ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक; ड्रोन, एटीएस और साइबर कमांडो रहेंगे मुस्तैद
देहरादून: आगामी श्रावण कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने कमर कस ली है। हाल ही में पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री दीपम सेठ ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और तकनीकी निगरानी के सख्त निर्देश जारी किए।

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवागमन उत्तराखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मेले को अभेद्य सुरक्षा चक्र में रखने के लिए राज्य पुलिस ने त्रिस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की है।

सुरक्षा के मुख्य स्तंभ:
अभेद्य सुरक्षा घेरा: मेला क्षेत्र में एटीएस (ATS), बम निरोधक दस्ता (BDS), एसटीएफ (STF) और SDRF की टीमें 24×7 तैनात रहेंगी। प्रमुख घाटों पर गोताखोर और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (RRT) किसी भी आपात स्थिति के लिए मुस्तैद रहेंगी।
तकनीकी निगरानी: संपूर्ण मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन निगरानी के दायरे में लाया गया है। साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष ‘साइबर कमांडो’ की टीम हरिद्वार में कैंप करेगी, जो सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं और साइबर खतरों पर पैनी नजर रखेगी।

स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट: कांवड़ मार्गों, पार्किंग और होल्डिंग एरिया के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। इसका प्रचार-प्रसार केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली जैसे सीमावर्ती राज्यों में भी किया जाएगा। अंतरराज्यीय समन्वय: पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ निरंतर इंटेलिजेंस इनपुट साझा किए जाएंगे ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में कोई अप्रिय घटना न हो।

सेवा और संयम का संदेश
डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं के साथ संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार करें। हालांकि, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा मानकों पर सख्ती:
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए कांवड़ के आकार और रेल की छतों पर यात्रा करने जैसी जोखिम भरी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, लाउडस्पीकरों का उपयोग सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित डेसीबल मानकों के अनुरूप ही सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में एडीजी वी. मुरूगेशन, एडीजी ए.पी. अंशुमान सहित पुलिस मुख्यालय के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे। उत्तराखंड पुलिस का लक्ष्य है कि ‘सेवा, सुरक्षा और सहयोग’ के भाव से कांवड़ यात्रा 2026 को एक मिसाल के तौर पर संपन्न कराया जाए।
संपादकीय टिप्पणी: कांवड़ यात्रा की भव्यता और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाना उत्तराखंड पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर राज्य का पुलिस महकमा पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।
