दीपक मदान
हरिद्वार | 18 सितंबर 2026 /उत्तराखंड में निवेश के माहौल को और अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाने की दिशा में शुक्रवार को हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित एक होटल में राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उद्योग विभाग, उत्तराखंड शासन और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेशभर के औद्योगिक क्षेत्रों और संघों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

पारदर्शी और समयबद्ध सेवाओं पर जोर
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उद्योगों के संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाना और उद्योग जगत से सीधा फीडबैक लेना रहा। इस दौरान सिंगल विंडो सिस्टम, ऑनलाइन सेवाओं और विभिन्न विभागीय अनुमतियों को लेकर खुलकर चर्चा की गई। केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योगपतियों की व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया।

केंद्र की प्रतिबद्धता: DPIIT, भारत सरकार की अपर सचिव सुश्री हिमानी पांडे ने उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देश में बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने उद्योग जगत से मिले सुझावों को सुधार प्रक्रिया का आधार बनाने की बात कही।

उत्तराखंड सरकार के कदम: उद्योग सचिव विनय शंकर पांडे ने बताया कि राज्य में प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण और सिंगल विंडो सिस्टम को लगातार मजबूत किया जा रहा है, जिससे नए निवेशकों को आसानी हो रही है। निरंतर सुधार की प्रक्रिया: उद्योग महानिदेशक एवं आयुक्त डॉ. सौरभ गहरवार ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस महज एक रैंकिंग नहीं, बल्कि उद्योगों को बेहतर सुविधाएं देने की सतत प्रक्रिया है।

जिला प्रशासन की प्राथमिकता: हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि हरिद्वार प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र है और जिला प्रशासन निवेशकों को तकनीक-आधारित और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तत्पर है।

प्रमुख अधिकारियों की रही उपस्थिति
DPIIT के निदेशक राकेश कुमार प्रजापति ने उत्तराखंड में हुए सुधारों की सराहना की। कार्यशाला का संचालन संयुक्त निदेशक उद्योग अनुपम द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर अपर निदेशक उद्योग शिखर सक्सेना, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र हरिद्वार उत्तम कुमार तिवारी सहित कई अन्य अधिकारी और प्रमुख उद्यमी उपस्थित रहे।
