सुधार संवाद
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर सख्त रुख, 15 अगस्त तक हर हाल में निस्तारण के निर्देश खेल मैदानों पर अतिक्रमण, अवैध खनन और पेंशन जैसी गंभीर शिकायतों पर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के आदेश
हरिद्वार, 03 अगस्त 2026:
जनपदवासियों की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से कुल 16 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 9 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु प्रेषित कर दिया गया है।

📌 प्रमुख समस्याएं और शिकायतें
जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं सामने आईं, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित प्रकरण दर्ज किए गए:

खेल मैदान पर अतिक्रमण: औरंगाबाद आन्नेकी क्षेत्र के निवासियों ने प्रार्थना पत्र देकर राष्ट्रीय इंटर कॉलेज औरंगाबाद आन्नेकी के खेल मैदान (खसरा नंबर 1614) पर आसपास के लोगों द्वारा लगातार किए जा रहे अतिक्रमण को रोकने और मैदान की पैमाइश कराकर इसे जल्द अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। पेंशन और विरासत के मामले: भगवानपुर तहसील के ग्राम बुधवा शहीद निवासी साधुराम चौहान ने पिछले 3 महीने से पेंशन न मिलने की समस्या रखी। वहीं, नज़बून पत्नी हबीब ने 3 महीने से विरासत दर्ज न होने को लेकर तहसील प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई। विद्युत कनेक्शन और अवैध खनन: चांद कॉलोनी मक्खनपुर (भगवानपुर) की नजराना ने विद्युत कनेक्शन दिलवाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत मजीहिदपुर सतीवाला के किसानों की ओर से हरेन्द्र सिंह ने अवैध खनन के कारण चकरोड पूरी तरह खराब होने की शिकायत दर्ज कराते हुए खनन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।

आवास योजना: ग्राम खाला टीरा औरंगाबाद की पूनम और पिंकी देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
⚡ जिलाधिकारी के कड़े निर्देश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता द्वारा दर्ज कराई जा रही प्रत्येक समस्या का समाधान समयबद्धता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी; ऐसा पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण की आवश्यकता है, संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर मौके का निरीक्षण करें और धरातल पर समस्या का स्थाई समाधान सुनिश्चित करें।

⏳ सीएम हेल्पलाइन मामलों में 15 अगस्त तक का अल्टीमेटम
बैठक के दूसरे चरण में जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) पर दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने पाया कि कई विभागों द्वारा 36 दिन से अधिक समय से शिकायतें लंबित रखी गई हैं। वर्तमान में एल-1 स्तर पर 348 और एल-2 स्तर पर 110 शिकायतें निस्तारण हेतु लंबित पाई गईं।

जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
36 दिन से अधिक समय से लंबित सभी शिकायतों का निस्तारण 15 अगस्त तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारी सिस्टम के माध्यम से सीधे शिकायतकर्ताओं से फोन पर वार्ता कर उनकी संतुष्टि सुनिश्चित करें।
शिकायतों के निस्तारण में हीला-हवाली करने वाले विभागों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
👥 बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
जनसुनवाई और समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासनिक) जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, परियोजना निदेशक नलिनीथ घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अमित कुमार चंद सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादी उपस्थित रहे।
