दीपक मदान
हरिद्वार: /आगामी कुम्भ मेला-2027 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में, अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने शुक्रवार को हरिद्वार के सीसीआर सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही अधिकारियों को समयबद्ध और त्रुटिरहित कार्ययोजना तैयार करने के कड़े निर्देश दिए।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर
बैठक की शुरुआत में कुम्भ मेला-2027 के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने अब तक की तैयारियों और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

एडीजी डॉ. मुरुगेशन ने बैठक के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर गहन मंथन किया:
यातायात और भीड़ नियंत्रण: श्रद्धालुओं के भारी सैलाब को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान।

डिजिटल तकनीक का उपयोग: मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों और संचार प्रणालियों का प्रभावी इस्तेमाल।
सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन: आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सुदृढ़ आपदा प्रबंधन और चरणबद्ध पुलिस बल की तैनाती।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कुम्भ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन है। देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना उत्तराखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अंतर-विभागीय समन्वय और जमीनी निरीक्षण
एडीजी ने सीमावर्ती जनपदों और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया ताकि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
समीक्षा बैठक के उपरांत, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उन्होंने कुम्भ मेला क्षेत्र का स्थलीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके पश्चात, उन्होंने एटीसी (ATC) पहुंचकर वहां कुम्भ मेला ड्यूटी के लिए विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पुलिस जवानों से संवाद किया तथा उनके प्रशिक्षण की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रमुख रूप से उपस्थित अधिकारी:
डॉ. नीलेश आनंद भरणे (पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था)
राजीव स्वरूप (पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र)
डॉ. योगेंद्र सिंह रावत (पुलिस महानिरीक्षक, कुम्भ मेला)
श्री आयुष अग्रवाल (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कुम्भ मेला)
अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (अभिसूचना, एटीएस, यातायात और जीआरपी के प्रतिनिधि)।
मीडिया सेल, पुलिस मुख्यालय, उत्तराखंड द्वारा जारी।
