सम्पादक :- दीपक मदान
हरिद्वार। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सेक्टर-2, बीएचईएल रानीपुर, हरिद्वार में छात्र संसद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह उत्साह, अनुशासन एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के वर्ष 2003 बैच के पूर्व छात्र हितेश चौधरी एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अन्थवाल ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में पूर्व छात्र हितेश चौधरी ने छात्र संसद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को उनके पद एवं दायित्वों के प्रति निष्ठा, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता एवं विद्यालय के गौरव को बनाए रखने की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री अर्जुन मलिक, उप प्रधानमंत्री अर्पित यादव, सेनापति रोशन कुमार, उपसेनापति अर्पित ठाकुर, न्यायाधीश अंश अग्रवाल तथा उप न्यायाधीश मयंक ने अपने-अपने पद एवं दायित्वों की शपथ ग्रहण की।इस अवसर पर पूर्व छात्र हितेश चौधरी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र संसद विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, जिम्मेदारी और निर्णय लेने की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्य करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करने तथा अपने आचरण से अन्य विद्यार्थियों के लिए आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय से प्राप्त संस्कार और शिक्षा जीवनभर मार्गदर्शन करते हैं तथा पूर्व छात्र के रूप में विद्यालय में आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता एवं गौरव की अनुभूति हो रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अन्थवाल ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्र संसद केवल पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और नेतृत्व की भावना को विकसित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को अपने कार्यों और व्यवहार से विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनना चाहिए तथा अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहयोग की भावना को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र संसद विद्यार्थियों को जिम्मेदारी निभाने, टीम भावना के साथ कार्य करने और नेतृत्व के गुण विकसित करने का अवसर देती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारी अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं निष्ठा से निर्वहन करते हुए विद्यालय की गरिमा और गौरव को और बढ़ाएंगे। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जिम्मेदार, अनुशासित एवं संस्कारवान नागरिक बनाना है और छात्र संसद इसी दिशा में विद्यार्थियों को नेतृत्व का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती है।कार्यक्रम में छात्र संसद प्रमुख दीपक कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह के अंत में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया।
