सम्पादक :- दीपक मदान
आज सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज, सेक्टर-2, बीएचईएल रानीपुर, हरिद्वार में रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में हर्षोल्लास एवं आत्मीयता के वातावरण में राखी मेकिंग प्रतियोगिता तथा रक्षाबंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया और आकर्षक एवं सुंदर राखियाँ तैयार कीं। रक्षाबंधन के अवसर पर विद्यालय के सभी विद्यार्थी अपने साथ मिष्ठान लेकर आए। कार्यक्रम के अंतिम दो वेलाओं में विशेष रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर प्रेम एवं स्नेह की राखी बाँधी। छात्रों ने छात्राओं को मिठाई खिलाकर सदैव उनकी रक्षा, सम्मान एवं सहयोग का संकल्प लिया। विद्यालय की ओर से भी सभी को मिष्ठान वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन इंदु ने किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने रक्षाबंधन पर्व की महत्ता से संबंधित सुंदर कथाएँ एवं प्रसंग प्रस्तुत किए। वरिष्ठ आचार्य प्रवीण कुमार ने भी विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के महत्व से जुड़ा प्रेरणादायी प्रसंग सुनाया।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अन्थवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई द्वारा बहन की रक्षा का संकल्प लेने का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास, सम्मान, कर्तव्य और पारिवारिक संस्कारों का प्रतीक है। उन्होंने एक प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सच्ची रक्षा केवल संकट के समय साथ खड़े होने से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनने, सम्मान देने और सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करने से होती है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे आपसी प्रेम और सद्भाव को सदैव बनाए रखें तथा समाज में भी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करें। प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के ऐसे पर्व हमारी एकता, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का समापन सभी के बीच प्रेम, स्नेह एवं शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ हुआ।
