सुधार संवाद
हरिद्वार, 31 अगस्त 2026 माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में जनपद हरिद्वार को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और उसकी निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं

धार्मिक एवं पर्यटन नगरी की गरिमा का हो विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार एक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है, इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला पंचायत, ग्राम पंचायतों और सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध और चालानी कार्रवाई
पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जाए। यदि कोई भी दुकानदार या प्रतिष्ठान इसका उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल सख्त चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आम जनता को कपड़े और जूट के थैलों जैसे पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को अपनाने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।

जनसहभागिता और कार्यालयों में स्वच्छता पर जोर
जिलाधिकारी ने अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, धार्मिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इसके अलावा, सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने कार्यालयों में संचालित शौचालयों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा तैयार किए गए प्रारूप के तहत कार्यालयों के शौचालयों का पूर्ण विवरण अनिवार्य रूप से आज ही नोडल अधिकारी (स्वच्छता) को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, डीपीआरओ मुस्तफा खां, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
