दीपक मदान
देहरादून: “युवाओं के विचार और नवाचार ही विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान कही। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशभर से चयनित 140 मेधावी छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और भविष्य के उत्तराखण्ड को लेकर उनके विजन को नजदीक से जाना।

कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मिलेंगे टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से उनके खातों में सीधे धनराशि भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने के लिए प्रतिबद्ध है।

2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने साझा किए विचार
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ अभियान के तहत प्रदेशभर के 2 लाख 67 हजार 744 विद्यार्थियों ने निबंध, विचारों और सुझावों के माध्यम से अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। मुख्यमंत्री ने इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखण्ड का युवा अपने राज्य के भविष्य को लेकर पूरी तरह जागरूक और गंभीर है। कार्यक्रम में विभिन्न उप-विषयों के तहत उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने वाले निम्नलिखित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया:

शिक्षा एवं युवा अवसर: मयूह भंडारी और रवीना
पर्यावरण, वन एवं आपदा प्रतिरोधक क्षमता: शेरोन कपूर
स्वास्थ्य एवं जन सेवाएं: सतीश कुमार
पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन एवं रोजगार: माही बलाई
सड़क, संपर्क एवं आधारभूत संरचना: श्रितिका रावत
प्रौद्योगिकी एवं सुशासन: प्रियांशु सजवाण
पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था: दृष्टि चैहान
महिला एवं बाल कल्याण: अनुष्का नेगी
युवाओं ने साझा किए अनूठे सुझाव
संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने राज्य के विकास से जुड़े कई रचनात्मक और व्यावहारिक सुझाव सामने रखे:

उत्तरकाशी के अनमोल प्रमार ने ग्राम स्तर तक स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और विद्यालयों में करियर काउंसलिंग की व्यवस्था करने का सुझाव दिया।
रुद्रपुर की वैष्णवी ने वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों को संरक्षित करने के लिए ‘नॉलेज बैंक’ बनाने की बात कही।
कालसी की कसिस ने औषधीय वनस्पतियों के जरिए वैश्विक बाजार में राज्य की विशिष्ट पहचान बनाने पर जोर दिया।
अल्मोड़ा के भारत ने वैश्विक पर्यटन की श्रेष्ठ प्रथाओं को उत्तराखण्ड की परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने का सुझाव दिया।

कौशल विकास और एआई पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करने में युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे अहम होगी। बदलते समय की मांग को देखते हुए उन्होंने युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और आधुनिक डिजिटल कौशल से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चन्द्रेश कुमार, ज्योति यादव, धीराज गर्ब्याल, सी. सविशंकर, अपर सचिव आलोक कुमार पाण्डेय, बंशीधर तिवारी, संदीप तिवारी, नमामि बंसल, झरना कमठान और महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोण्डे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
