दीपक मदान
हरिद्वार: / राष्ट्रीय सावक मंच के कार्यकर्ताओं ने मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट हरीगिरी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से तीर्थनगरी हरिद्वार में बढ़ते नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने और आगामी अर्धकुंभ मेले से जुड़े विकास कार्यों में जनता के धन के सदुपयोग व पारदर्शिता की पुरजोर मांग की गई है। सिटी मजिस्ट्रेट ने विषय की गंभीरता को देखते हुए सकारात्मक वार्ता की और आवश्यक कार्रवाई का पूर्ण आश्वासन दिया है।

”करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर भारी पड़ रहा नशे का कारोबार”
मंच के संयोजक चंद्रमोहन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार केवल एक साधारण शहर नहीं, बल्कि देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का विश्वविख्यात केंद्र है। यहाँ बढ़ते नशे के अवैध कारोबार पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य और परिवार को ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के भविष्य, सामाजिक विघटन और अपराधों को भी बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने प्रशासन से हरिद्वार को पूर्ण रूप से नशामुक्त और सुरक्षित तीर्थनगरी बनाने के लिए निरंतर और परिणामोन्मुख अभियान चलाने की माँग की।

कुंभ कार्यों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन पर जोर
चंद्रकुंभ (अर्धकुंभ) मेले के दृष्टिगत चल रहे विकास कार्यों पर बात करते हुए संयोजक ने कहा कि सौंदर्यीकरण, यातायात, स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं पर खर्च होने वाला जनता के कर (Tax) का पैसा है। इसलिए प्रत्येक सार्वजनिक परियोजना में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक अधिकार और जनहित में अत्यंत आवश्यक है।

प्रशासन के समक्ष रखी गईं प्रमुख मांगें:
नशे के खिलाफ सख्त अभियान: हरिद्वार में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित कर विशेष निगरानी रखी जाए। शिक्षण संस्थानों के आसपास सुरक्षा: विद्यालयों, महाविद्यालयों, छात्रावासों और युवा-केंद्रित क्षेत्रों के इर्द-गिर्द अवैध बिक्री पर सख्त पहरा बिठाया जाए।

परियोजनाओं की सार्वजनिक जानकारी: अर्धकुंभ से जुड़ी प्रमुख विकास परियोजनाओं की स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था, समयसीमा और उद्देश्य को सार्वजनिक किया जाए। गुणवत्ता की स्वतंत्र जाँच: निर्माण और विकास कार्यों की समय-समय पर सक्षम एवं स्वतंत्र तकनीकी एजेंसी से जाँच कराई जाए।वित्तीय अनुशासन: सार्वजनिक धन के दुरुपयोग, दोहराव और अनावश्यक व्यय को रोककर पूरी वित्तीय पारदर्शिता बरती जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान राष्ट्रीय सावक मंच के जिला अध्यक्ष कीर्तिकांत शर्मा, जिला उपाध्यक्ष शरद अग्रवाल, जिला महामंत्री विशाल यादव, युवा जिलाध्यक्ष शिवम कौशिक, पार्थ शांडिल्य, पीयूष कौशिक, नवीन शर्मा, आशीष पटवाल, गौरव भट्ट, साहिल बग्गा, रचित सिंघल, पंडित सुनील शर्मा, विकास राजपूत, नरेश शर्मा, जय बाली, दिनेश शर्मा, जितेंद्र यादव, मनोज गिरी, सनी भाटिया, विकास अरोड़ा, गोपाल तनेजा, मनोज जैन सहित कई अन्य कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
