दीपक मदान
हरिद्वार, 30 सितंबर 2026 / उत्तराखंड आबकारी विभाग ने धर्मनगरी में अवैध बिक्री और ओवररेटिंग (निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली) के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आबकारी आयुक्त श्रीमती अनुराधा पाल के दिशा-निर्देशों तथा आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1, हरिद्वार, दर्शन सिंह के नेतृत्व में विभाग की टीम ने आज दिनांक 30 सितंबर 2026 को क्षेत्र की कई प्रमुख विदेशी मदिरा दुकानों का औचक एवं गोपनीय निरीक्षण किया। अपनी सख्त कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले अधिकारी दर्शन सिंह की इस कार्रवाई से मदिरा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है

दुकानों पर मनमाने दामों पर शराब बेचे जाने की शिकायतों की सत्यता जाँचने के लिए विभाग ने आधुनिक और गोपनीय तरीकों का सहारा लिया। इसके तहत आज शाम विभिन्न समयावधियों में क्षेत्र की मध्य प्रमुख दुकानों पर औचक ‘गोपनीय खरीद’ (Test Purchase) कराई गई:

यहाँ टीम द्वारा ‘बी यंग बीयर’ (500ml) और ‘इम्पीरियल ब्लू’ (180ml) की गुप्त खरीद कराई गई। विक्रेताओं (अमित कुमार और गजेन्द्र चौहान) द्वारा इनके निर्धारित MRP (क्रमशः ₹160/- और ₹175/-) पर ही बिक्री की गई। मौके पर रैंडम जाँच के दौरान बोतलों और केनों पर वैध होलोग्राम व लेबल सही पाए गए। इस दुकान पर ‘ब्लेंडर्स प्राइड व्हिस्की’ (180ml) और ‘गॉडफादर बीयर’ (500ml) की गोपनीय खरीद की गई। विक्रेताओं (मुकेश बिष्ट और शुभम जायसवाल) द्वारा कोई ओवररेटिंग नहीं पाई गई और उत्पाद क्रमशः ₹260/- व ₹165/- के तय मूल्य पर बेचे गए। दुकान में बिलिंग मशीन, स्कैन मशीन और सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से संचालित मिले।
यहाँ ‘एम्सीडी व्हिस्की’ और ‘किंगफिशर स्ट्रॉन्ग बीयर’ की गुप्त खरीद कराई गई। विक्रेताओं (अरविन्द और अंकुश कुमार) द्वारा ये उत्पाद क्रमशः ₹355/- और ₹205/- के निर्धारित MRP पर ही बेचे गए। यहाँ भी स्टॉक की रैंडम जाँच में सभी मानकों के अनुरूप होलोग्राम चस्पा पाए गए।

यद्यपि शुरुआती औचक निरीक्षण के दौरान इन दुकानों पर प्रथम दृष्टया ओवररेटिंग या अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है, किंतु आबकारी निरीक्षक दर्शन सिंह ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि विभाग की यह सख्ती लगातार जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “उपभोक्ता हितों और शासन के नियमों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी लाइसेंसधारी को बख्शा नहीं जाएगा। यदि भविष्य में औचक निरीक्षण या शिकायतों के दौरान किसी भी दुकान पर ओवररेटिंग या नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत बिना किसी ढील के कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।” प्रशासन के इस कड़े और पारदर्शी रुख से यह साफ है कि हरिद्वार में शराब कारोबारियों को पूरी तरह नियमों के दायरे में ही काम करना होगा, अन्यथा औचक निरीक्षणों का यह सिलसिला उनके लिए भारी पड़ सकता है।
