दीपक मदान
हरिद्वार। जनपद में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हरिद्वार पुलिस ने मार्च 2026 में नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध एक व्यापक अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह के निर्देशन में जिले की यातायात पुलिस, थानों की पुलिस और सीपीयू (CPU) टीम ने मिलकर इस कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
अभियान के दौरान पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने वालों और दस्तावेज़ों की कमी रखने वालों पर ज़ोरदार कार्रवाई की है:
कुल चालान: 9656
गिरफ्तारियां: 90 चालक (नशे में वाहन चलाने हेतु)
वाहन सीज: 196
DL निरस्तीकरण: 105 चालकों के लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति।

अधिकारियों का सख्त रुख
SSP नवनीत सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन करना केवल कानूनी मजबूरी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “लापरवाही से वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी घातक है। सड़क सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
SSP ने यातायात विभाग के अधिकारियों, जिसमें प्रभारी निरीक्षक यातायात संदीप नेगी (हरिद्वार), राजेंन्द्रनाथ (रुड़की) और सीपीयू निरीक्षक हितेश शामिल हैं, को निर्देश दिए हैं कि वे प्रवर्तन की कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाएं।
निगरानी और प्रबंधन
पूरे जिले की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस अधीक्षक यातायात सुश्री निशा यादव और क्षेत्राधिकारी विपेंद्र सिंह को निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का मुख्य ध्यान ओवरस्पीडिंग, नशे में ड्राइविंग और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे गंभीर अपराधों पर है।
कार्रवाई का विवरण (सांख्यिकी)
श्रेणी संख्या
यातायात/CPU द्वारा कुल चालान 7378
कोर्ट चालान 4299
नशे में ड्राइविंग (Alcohol) 58 (CPU) + 32 (थाना स्तर)
बिना हेलमेट / तीन सवारी 491
दोषपूर्ण नंबर प्लेट 295
यातायात संकेतों का उल्लंघन 529
भविष्य की रणनीति:
हरिद्वार पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से नियम तोड़ने वालों पर पैनी नज़र रखी जा रही है। स्टंट ड्राइविंग और ओवरलोडिंग के विरुद्ध भी विशेष अभियान जारी रहेगा।
रिपोर्ट: संपादकीय टीम, सुधार संवाद
