हरिद्वार | 09 अक्टूबर 2026
आगामी नवरात्र और त्योहारी सीजन के मद्देनजर आम जनता को मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) उत्तराखंड ने हरिद्वार में कड़ा रुख अपना लिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के तहत शुक्रवार को शहर में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिससे खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चंद्र टम्टा ने भूपतवाला और भीमगोड़ा क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 5 विधिक नमूने (Legal Samples) जांच के लिए संग्रहित कर राजकीय प्रयोगशाला भेज दिए हैं।

इन प्रमुख खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूने:
मैगी और चाउमीन नूडल्स
व्रत में इस्तेमाल होने वाला कुट्टू का आटा
अचार
खाद्य तेल (एडिबल ऑयल)
मिथ्या छाप (Misbranded) पाए जाने पर इन फर्मों को नोटिस:

निरीक्षण के दौरान दो प्रमुख मामलों में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित निर्माता कंपनियों को कड़े कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं:
चाउमीन नूडल्स मामला: भूपतवाला स्थित ‘जय गंगा ट्रेडर्स’ से लिए गए चाउमीन नूडल्स का नमूना ‘मिथ्या छाप’ (Misbranded) पाया गया। इसका निर्माण मैसर्स राजू फूड्स (पांवधोई, ज्वालापुर) द्वारा किया जा रहा था, जिन्हें विभाग ने नोटिस जारी किया है।
खाद्य तेल मामला: भीमगोड़ा क्षेत्र से ‘डबल कंप्यूटर ब्रांड’ एडिबल वेजिटेबल ऑयल का नमूना भी मिथ्या छाप पाया गया। इस तेल की पैकेजिंग करने वाली फर्म श्री नैना इंडस्ट्रीज (औद्योगिक क्षेत्र, बहादराबाद) को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नोटिस प्रेषित किया गया है।
कानूनी चेतावनी: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 52 के तहत मिथ्या छाप या भ्रामक जानकारी वाले खाद्य पदार्थों के विक्रय पर अधिकतम ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) तक के अर्थदंड का प्रावधान है।

होटल संचालकों को कड़ी चेतावनी
अभियान के दौरान भूपतवाला के विभिन्न होटलों और भोजनालयों का भी औचक निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि:
प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और उच्च स्तर की स्वच्छता बरती जाए।
यात्रियों व पर्यटकों को केवल ताजा भोजन परोसा जाए।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारी सीजन को देखते हुए मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।
