दीपक मदान
हरिद्वार। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, जनपद हरिद्वार के तत्वावधान में सोमवार, 6 अप्रैल को रावली महदूद स्थित कृपाल नगर के कृपाल कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में ‘ज्ञान दीक्षा संस्कार’ एवं गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ और पुष्पांजलि
सत्र की शुरुआत विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमति रंजना शर्मा और प्रबंधक दिनेश शर्मा की उपस्थिति में हुई। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने परम पूज्य गुरुदेव एवं वंदनीय माता जी के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित कर अपने उज्ज्वल भविष्य और सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की।
योग और नैतिक उत्थान का संकल्प
देव संस्कृति विश्वविद्यालय से आए राम प्यारे कश्यप और अन्य प्रतिभाशाली छात्रों ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन का महत्व समझाया। कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला गया:

योग का महत्व: शारीरिक और मानसिक विकास के लिए नियमित योग की प्रेरणा दी गई।
नशा मुक्ति: युवाओं को व्यसनों से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया।
नैतिक उत्थान: छात्रों को भारतीय संस्कृति के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराते हुए नैतिक जीवन जीने का संकल्प दिलाया गया।
शिक्षा और विद्या में अंतर
विशेष व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को ‘शिक्षा’ और ‘विद्या’ के बीच का सूक्ष्म अंतर स्पष्ट किया गया। वक्ताओं ने बताया कि जहाँ शिक्षा हमें आजीविका के योग्य बनाती है, वहीं विद्या हमें जीवन जीने की कला और विनम्रता सिखाती है।
आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष सहयोग रहा। जनपद हरिद्वार में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा द्वारा चलाए जा रहे इन संस्कारों की सफलता पर आयोजक अचलेश अग्रवाल ने सभी सहयोगियों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
