दीपक मदान
हरिद्वार, 17 अप्रैल 2026 चारधाम यात्रा को निर्बाध और सुरक्षित बनाने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने जनपद के प्रवेश द्वार नारसन बॉर्डर स्थित परिवहन विभाग के ‘ग्रीन कार्ड केंद्र’ का धरातलीय निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने केंद्र पर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए।

डीएम मयूर दीक्षित का सख्त रुख: “यात्रियों को न हो असुविधा”
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने यात्रा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एआरटीओ को स्पष्ट किया कि यात्रा पर आने वाले प्रत्येक वाहन की सघन जांच के बाद ही ग्रीन कार्ड जारी किए जाएं। जिलाधिकारी ने केंद्र पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और सुलभ शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि पंजीकरण के दौरान यात्रियों को अनावश्यक जाम या भीड़ का सामना न करना पड़े।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने सुरक्षा और यातायात पर दिया जोर
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि वाहन चालकों से यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उन्होंने तत्काल कठोर वैधानिक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं, ताकि यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं को शून्य किया जा सके।

अतिक्रमण और निर्माण कार्य पर कड़ा एक्शन
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नारसन से मंगलौर के बीच फ्लाईओवर कार्य की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंगलौर स्थित देवबंद तिराहे पर यातायात में बाधक बन रहे विद्युत पोलों को लेकर जिलाधिकारी ने अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा कि “दो दिन के भीतर पोल हटाए जाएं, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

विभागों में समन्वय की अपील
प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व ने राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जाम संभावित क्षेत्रों में पुलिस के साथ बेहतर समन्वय बनाकर ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू करें।

निरीक्षण के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद सेठ, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, एसपी देहात शेखर सुयाल, आरटीओ प्रवर्तन कृष्ण चंद्र पलारिया समेत एनएचएआई और पुलिस प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
