सम्पादक :- दीपक मदान
भराड़ीसैण (गैरसैंण): वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच प्रदेश में एलपीजी और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को शासन स्तर पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रमुख सचिव (खाद्य) की अध्यक्षता में विधानसभा भवन, भराड़ीसैण से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सभी जिलाधिकारियों, पूर्ति अधिकारियों और तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
पैनिक बुकिंग से बचें, स्टॉक की कोई कमी नहीं
बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ भ्रामक सूचनाओं के कारण उपभोक्ताओं में डर का माहौल है, जिससे ‘पैनिक बुकिंग’ बढ़ गई है। अकेले आईओसीएल (IOCL) में पिछले तीन-चार दिनों के भीतर लगभग एक लाख गैस सिलेंडर की बुकिंग दर्ज की गई है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सामान्य है।
कालाबाजारी पर प्रहार: 4 FIR और एक गिरफ्तारी
गैस की किल्लत की अफवाहों का फायदा उठाकर अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। समीक्षा में बताया गया कि:
पिछले चार दिनों में प्रदेशभर में 460 निरीक्षण किए गए।
78 स्थानों पर छापेमारी की कार्यवाही की गई।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 04 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
कार्यवाही के दौरान 74 गैस सिलेंडर, 2 रिफिलिंग किट और वजन करने वाला कांटा जब्त किया गया है।
प्रमुख सचिव के सख्त निर्देश
प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और प्रवर्तन टीमों को निर्देश दिए कि जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग को रोकने के लिए निरंतर चेकिंग अभियान चलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर नजर रखी जाए।
बैठक में सचिव (खाद्य) आनंद स्वरूप, अपर आयुक्त पी.एस. पांगती सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर सचिव श्रीमती रुचि मोहन रयाल एवं प्रदेश के सभी जिलाधिकारी व जिला पूर्ति अधिकारी उपस्थित रहे।
