दीपक मदान
कर्णप्रयाग (चमोली): जनपद में नशे के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’ लगातार रंग ला रहा है। इसी कड़ी में कर्णप्रयाग कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 3.82 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई है।

क्या है पूरा मामला?
एसपी चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देश पर जनपद पुलिस नशा तस्करों के विरुद्ध आक्रामक अभियान चला रही है। हाल के दिनों में कर्णप्रयाग के गांधीनगर, आईटीआई रोड, सुभाष नगर और बाजार क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं पर कार्रवाई करते हुए पुलिस उपाधीक्षक त्रिवेन्द्र सिंह राणा के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

बद्रीनाथ हाईवे पर बिछाया जाल
17 जुलाई 2026 को पुलिस टीम बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बाबा आश्रम के समीप सघन चेकिंग कर रही थी। तभी एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखते ही भागने लगा। सतर्क पुलिस बल ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 3.82 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई।
कौन है गिरफ्तार तस्कर?
पकड़े गए अभियुक्त की पहचान सूरज सिंह नेगी (33 वर्ष), निवासी ग्राम सगर, पोस्ट गवाड़ देवलधार, थाना गोपेश्वर के रूप में हुई है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वह पुराना अपराधी है और पूर्व में भी कई गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है।
आपराधिक इतिहास:
अभियुक्त के खिलाफ पहले से ही नशा तस्करी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं:
मु0अ0सं0-44/2019: धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट (थाना राजपुर, देहरादून)
मु0अ0सं0-44/2023: धारा 4/25 आर्म्स एक्ट (थाना राजपुर, देहरादून)
मु0अ0सं0-22/2022: धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट (थाना गोपेश्वर, चमोली)
अब ताजा बरामदगी के आधार पर कर्णप्रयाग कोतवाली में मु0अ0सं0-22/2026, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत नया मामला दर्ज कर अभियुक्त को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम की तत्परता
इस सफल कार्रवाई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय नेगी, उपनिरीक्षक वीरपाल सिंह, हेड कांस्टेबल प्रकाश कंडवाल, कांस्टेबल नरेश नेगी तथा एसओजी के कांस्टेबल रविकांत और सलमान की भूमिका सराहनीय रही।
एसपी सुरजीत सिंह पँवार ने स्पष्ट किया है कि चमोली जनपद में नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और ‘ऑपरेशन प्रहार’ भविष्य में और भी अधिक सख्त होगा।
