संपादक दीपक मदान
हरिद्वार। राजनीति और समाज सेवा के क्षेत्र में बहुत कम ऐसे नेता होते हैं, जो निस्वार्थ भाव से जीवन भर केवल जनता की भलाई के लिए कार्य करते हैं। ऐसे ही एक साफ छवि वाले वरिष्ठ नेता और हरिद्वार के युवाओं की दिल की धड़कन हैं— संजय चोपड़ा।

शुरुआत से ही उन्होंने कभी अपने निजी स्वार्थ के लिए नहीं सोचा, बल्कि हमेशा हरिद्वार की जनता, रेहड़ी-पटरी वालों, ऑटो-रिक्शा चालकों और आम मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है। संजय चोपड़ा हमेशा से महिलाओं के सम्मान और गरीबों के हक के रक्षक रहे हैं। जब भी शहर में अतिक्रमण के नाम पर गरीब रेहड़ी-पटरी वालों को उजाड़ने का प्रयास किया गया, संजय चोपड़ा ने उनके समर्थन में सबसे पहले अपनी आवाज बुलंद की। हाल ही में कांवड़ मेले के दौरान जब रेहड़ी-पटरी वालों को उनके स्थानों से हटाया गया था, तब भी उन्होंने गरीबों का साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने प्रशासन के सामने अपनी जंग जारी रखी और सुनिश्चित किया कि इन छोटे व्यापारियों को वैकल्पिक स्थान मिल सके, ताकि उनकी आजीविका चलती रहे और उनके परिवारों का भरण-पोषण हो सके।

जन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने में वे हमेशा अग्रणी रहे हैं। पूर्व में मंडी समिति अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल बेहद ऐतिहासिक और जनहितकारी रहा है। अपने कुशल नेतृत्व से उन्होंने न केवल मंडी समिति को लाखों-करोड़ों रुपये का मुनाफा कराया, बल्कि किसानों के सच्चे हितैषी के रूप में उनके अधिकारों की रक्षा भी की। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिले और वे मंडी के अंदर सम्मानपूर्वक अपना सामान बेचकर अपनी फसल का सही दाम प्राप्त कर सकें।

हरिद्वार की जनता के हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले संजय चोपड़ा एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने अपने जीवन में सिर्फ निःस्वार्थ सेवाएं दी हैं और कभी किसी का अनुचित फायदा नहीं उठाया। आज के समय में ऐसी साफ और बेदाग छवि वाले नेता बहुत कम देखने को मिलते हैं। संजय चोपड़ा सही मायनों में समाज के हर वर्ग के सच्चे सेवक और एक आदर्श जननेता हैं।
