दीपक मदान
हरिद्वार, 12 सितंबर 2026 / विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (USRLM) डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के विभिन्न घटकों की प्रगति की समीक्षा हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित आजीविका कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में तेजी लाना और आगामी लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करना था।

समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने केवाईसी (KYC), स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों के बैंक खातों के लोकोस (LOKOS) पोर्टल पर अपडेशन, एसएमसी (SMC), तथा एसएचजी, ग्राम संगठन (VO) एवं संकुल स्तरीय संघ (CLF) के ऑडिट कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही शेलपन कैडर (Shellpan Cadre) की ऑनबोर्डिंग और एफपीओ (FPO) व आईएफपी (IFC) के कार्यों को गति देने पर विशेष बल दिया गया।

वित्तीय पारदर्शिता और ई-बुककीपर प्रणाली
बैठक में ई-बुककीपर (eBookkeeper) के माध्यम से ग्राम पंचायतवार कार्यों को समय पर पूरा कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ई-बुककीपर प्रणाली लागू होने से समूहों की वित्तीय पारदर्शिता में सुधार होगा और लेखा-जोखा समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो सकेगा। जिन समूहों के पास बैंक खाते नहीं हैं या जिनकी प्रोफाइल अधूरी है, उन्हें शीघ्र अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।

मानव संसाधन और ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) एकीकरण
ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आईपीआरपी (IPRP) की भर्ती तथा सीएलएफ स्तर पर सीएलएफ मैनेजर और अकाउंटेंट की ब्लॉक स्तर पर नियुक्ति के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, वीपीआरपी (VPRP) के तहत सभी इकाइयों के लिए हकदारी योजना (Entitlement Plan) और आजीविका योजना (Livelihood Plan) तैयार कर इन्हें ग्राम सभा के माध्यम से जीपीडीपी (GPDP) में सोशल डेवलपमेंट प्लान के साथ प्रस्तुत करने को कहा गया, जिससे ग्रामीण विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

कौशल विकास और स्वरोजगार प्रशिक्षण
आरसेटी (RSETI) के माध्यम से सभी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। स्मॉल एंटरप्राइजेज और इंटरलूनिंग (Interloaning) को बढ़ावा देकर समूह की महिलाओं की आजीविका को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई। बीमा सखी, एफएलसीआरपी (FLCRP) और बीसी सखी के प्रशिक्षण कार्यों को आरसेटी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर संचालित करने के निर्देश दिए गए।
’लखपति दीदी’ योजना को प्राथमिकता
मुख्य विकास अधिकारी ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए लाइन डिपार्टमेंट, ग्रामोत्थान और अन्य संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं का कन्वर्जेन्स सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ दिलाने और जनपद के अन्य जिलों के लिए एक मिसाल कायम करने का आह्वान किया। बैठक में जिला विकास अधिकारी हरिद्वार, स्टेट मिशन मैनेजर दिवाकर पुरोहित, एसपीएम विनकेश, एसपीएम चरणजीत, यूपीएसआरएलएम से दुर्गा गैरोला, सभी 6 ब्लॉकों के बीडीओ (BDOs), एनआरएलएम टीम से जिला थीमेटिक एक्सपर्ट सूरज कुमार, एमआईएस अधिकारी दानेश सहित जनपद की पूरी ग्रामोत्थान टीम उपस्थित रही। अंत में सभी अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करते हुए तय समय-सीमा में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
