दीपक मदान
हरिद्वार। उत्तराखंड नगरीय फेरी नीति के तहत नगर निगम हरिद्वार में शुक्रवार देर शाम एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। नगर आयुक्त नंदन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में स्ट्रीट वेंडर्स (लघु व्यापारियों) को व्यवस्थित करने और उनके स्वरोजगार को नई दिशा देने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए।

चार बिंदुओं पर केंद्रित रहा एजेंडा
बैठक के दौरान सिटी मिशन मैनेजर अंकित रमोला और वरिष्ठ लिपिक शिव सिंह चौहान ने चार मुख्य बिंदुओं का एजेंडा प्रस्तुत किया। इसमें मुख्य रूप से:
नए वित्तीय वर्ष के लिए स्ट्रीट वेंडर्स को लाइसेंस और विक्रय प्रमाण पत्र जारी करना।
कारोबार के लिए सुरक्षित जगह सुनिश्चित करना।
ULB (शहरी स्थानीय निकाय मिशन) योजना के तहत नए वेंडिंग जोन विकसित करना।
प्रतिबंधित क्षेत्रों में वेंडिंग गतिविधियों को नियंत्रित करना।
कुंभ 2027 और दीपावली को लेकर खास तैयारी

फेरी समिति के सदस्य और लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने आगामी कुंभ मेला 2027 को ध्यान में रखते हुए दीपावली से पूर्व नए वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव रखा। नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि शासन को भेजे गए प्रस्तावों में से दो वेंडिंग जोन को वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है।
इन क्षेत्रों में विकसित होंगे वेंडिंग जोन:
दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के समीप।
भगत सिंह चौक से सेक्टर-2 बैरियर तक।
उत्तरी हरिद्वार: दूधाधारी चौक और पवन धाम के सामने।
अतिक्रमण अभियान के बीच ‘सामाजिक सुरक्षा’ की पहल
संजय चोपड़ा ने सरकार और नगर प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि अतिक्रमण अभियान के दौरान लाइसेंस धारक व्यापारियों को परेशान न किया जाए। उन्होंने मांग की कि नगर निगम के सभी वार्डों में सब्जी, फल और रोजमर्रा का सामान बेचने वाले वेंडर्स को ‘शहरी समृद्धि’ से जोड़कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में पुलिस प्रशासन, सिंचाई विभाग (यूपी व उत्तराखंड), एचआरडीए, बैंक लीड अधिकारी और नगर निगम के अधिकारी शामिल हुए। साथ ही फेरी समिति के सदस्य राजकुमार, कमल सिंह, तस्लीम अहमद, मोनू तोमर, सुमन गुप्ता, आशा कश्यप सहित व्यापारिक प्रतिनिधि सुनील कुकरेती, फूल सिंह, मोहनलाल, उमेश कुमार और जय भगवान ने भी अपने विचार साझा किए।
