हरिद्वार / देव सुमन नगर (टिहरी विस्थापित कॉलोनी) में पिछले 20 वर्षों से अविरल आयोजित हो रही श्री रामलीला महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव अफ़ाक़ अली और बीएचईएल रानीपुर से कांग्रेस के भावी प्रत्याशी मनोज धनगर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित व फीता काटकर मंच का भव्य उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि श्री राम भारत की आत्मा हैं और अल्लामा इक़बाल के शब्दों में वे ‘इमाम-ए-हिंद’ हैं। श्री राम के अनुयायियों को केवल नारे लगाने तक सीमित न रहकर उनके त्याग, मर्यादा और किरदार को अपने जीवन में उतारना चाहिए। केवल नारेबाज़ी से कोई सच्चा रामभक्त नहीं बन सकता।

रामलीला मंचन: शूर्पणखा नासिका छेदन का जीवंत अभिनय
रामलीला के मंचन के दौरान कलाकारों ने दिखाया कि किस प्रकार शूर्पणखा ने श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी को परेशान किया तथा अनुचित दबाव बनाया। प्रभु राम के समझाने के बावजूद जब शूर्पणखा ने माता सीता पर हमला करने का प्रयास किया, तो लक्ष्मण जी ने दंडस्वरूप उसकी नाक काट दी। तत्पश्चात, शूर्पणखा चीखती-चिल्लाती अपने भाई रावण के दरबार पहुँची और अपने अपमान का बदला लेने के लिए उकसाया, जिसके बाद रावण और उसके भ्राता रणनीति बनाने में जुट गए।

’वसुधैव कुटुंबकम’ और गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल
राव अफ़ाक़ अली ने भावुक होते हुए कहा, “भारत में अनादि काल से ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरे संसार को एक परिवार मानने की संस्कृति रही है। मैं पिछले 20 वर्षों से इस रामलीला में शामिल होता आ रहा हूँ। सुमन नगर के सभी निवासी मेरा अपना परिवार हैं। मैं इनके हर सुख-दुख में मुस्तैदी से खड़ा रहा हूँ और जीवन भर रहूँगा।” समारोह में वक्ताओं ने कहा कि इस आयोजन से हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द की इससे सुंदर मिसाल और कहीं देखने को नहीं मिल सकती।

मुख्य अतिथियों का भव्य स्वागत
रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि राव अफ़ाक़ अली, मनोज धनगर, पवन पाल, परवीन धनगर, साहिल कुरैशी, चांद कुरैशी और आबिद गुज्जर का फूल-मालाएँ पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर आत्मीय स्वागत व सम्मान किया।
इस अवसर पर रामलीला समिति के अध्यक्ष मस्त राम जोशी, महेश कुमार, विकास गोस्वामी, विनय जोशी, दीपक स्वरूप, मदन लाल, नरेश भट्ट, परिवेश पवार, देव सिंह, अजय पवार भंडारी, देवेंद्र, निर्देशक दिनेश लाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत तथा मंच संचालक मनीष रावत सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
