दीपक मदान
हरिद्वार। राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट के सलेमपुर चौक (बहादराबाद) स्थित कार्यालय में रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। संस्थापक आचार्य प्राणनाथ और राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज सैनी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में महाराजा भगीरथ के सम्मान और ‘भगीरथ बिंदु’ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कराने हेतु एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

हस्ताक्षर अभियान और 111 मीटर लंबा मांग पत्र
संगठन ने घोषणा की है कि महाराजा भगीरथ को उचित सम्मान दिलाने, हरिद्वार में उनका भव्य घाट निर्माण और विशाल प्रतिमा स्थापित करने की मांग को लेकर 111 मीटर (364 फीट) लंबे और 5 फीट चौड़े पत्र पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इस महा-पत्र पर 10,000 से अधिक सनातनी हस्ताक्षर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से महाराजा भगीरथ के गौरव को पुनर्स्थापित करने की अपील करेंगे।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह
राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज सैनी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर देकर सनातन के गौरव को बढ़ाया है, लेकिन गंगा को पृथ्वी पर लाने वाले महाराजा भगीरथ के योगदान को विस्मृत कर दिया गया। हम चाहते हैं कि मुख्यमंत्री स्वयं ‘भगीरथ बिंदु’ का निरीक्षण करें और इस ऐतिहासिक पत्र को स्वीकार कर प्रधानमंत्री तक हमारी भावनाओं को पहुंचाएं।”
अनुशासित और शांतिपूर्ण होगा अभियान
संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी मुहिम मर्यादा और अनुशासन के साथ संचालित होगी:
राजेंद्र मौर्य (राष्ट्रीय संरक्षक): अभियान के दौरान कोई शोर-शराबा या मार्ग अवरुद्ध नहीं किया जाएगा। टीम घर-घर और मंदिर-मंदिर जाकर समर्थन जुटाएगी।
प्रदीप शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष): भगीरथ बिंदु देवभूमि का हृदय है, जिसे आस्था के मानचित्र पर सर्वोच्च स्थान मिलना अनिवार्य है।
राहुल सिंह (जिला अध्यक्ष): हरिद्वार जिले की टीमें हर न्याय पंचायत और गांव तक पहुंचेंगी।
ओमप्रकाश कुशवाह (जिला मंत्री): सोमवार को प्रशासन से शांतिपूर्ण अभियान की अनुमति ली जाएगी, जिसमें केवल 5 सदस्यीय टीम ही कार्य करेगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा
संस्थापक आचार्य प्राणनाथ ने बताया कि अभियान का विधिवत शुभारंभ 22 अप्रैल (बुधवार), सुबह 10:00 बजे राष्ट्रीय कार्यालय, सलेमपुर चौक से होगा।
संगठन की प्रमुख मांगें:
’भगीरथ बिंदु’ का सरकारी निरीक्षण और उसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा।
अर्द्धकुंभ 2027 से पूर्व महाराजा भगीरथ की 100 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा की स्थापना।
हरिद्वार में महाराजा भगीरथ के नाम से भव्य घाट और गंगा अवतरण के इतिहास का शिलालेख।
संगठन ने समस्त संतों, महंतों और समाजसेवकों से इस मुहिम को सफल बनाने की अपील की है ताकि मां गंगा के जनक महाराजा भगीरथ को उनका वास्तविक सम्मान मिल सके।
