संपादक दीपक मदान
ऊना/शिमला: कहते हैं जब संकल्प में ईमानदारी और इरादों में फौलाद हो, तो बड़े-बड़े साम्राज्य ढह जाते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है हिमाचल पुलिस सेवा की जांबाज अधिकारी और एसटीएफ (उत्तरी क्षेत्र) की प्रमुख, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेणु शर्मा ने। ऊना जिले में नशे के खिलाफ चलाए गए एक सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन में रेणु शर्मा और उनकी टीम ने 1 किलोग्राम ‘चिट्ठा’ (हेरोइन) बरामद कर पुलिस महकमे के पिछले तमाम रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

2 करोड़ का वार: माफिया के गढ़ में खलबली
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत 2 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। यह महज एक जब्ती नहीं, बल्कि हिमाचल में सक्रिय चिट्ठा माफिया के ताबूत में आखिरी कील साबित होने वाली कार्रवाई है। रेणु शर्मा की इस स्ट्राइक ने यह साबित कर दिया है कि पुलिस प्रशासन अगर ठान ले, तो ‘सफेद जहर’ के सौदागरों के लिए सूबे में कोई जगह नहीं बचेगी।

ईमानदारी की मिसाल: ‘खाकी’ की साख को मिली नई ऊंचाई
यह खबर उन लोगों के लिए एक खुली चेतावनी है जो वर्दी के पीछे छिपकर या खाकी की सुस्ती का फायदा उठाकर युवाओं की नसें सुखा रहे हैं। रेणु शर्मा ने अपनी कार्यप्रणाली से पूरे पुलिस प्रशासन के सामने एक ‘ईमानदारी की मिसाल’ पेश की है। जहां एक तरफ नशे का काला कारोबार परिवारों को तबाह कर रहा है, वहीं रेणु शर्मा जैसी अधिकारी समाज को टूटने से बचाने के लिए ढाल बनकर खड़ी हैं।
”नशा परिवारों को जोड़ता नहीं, उजाड़ता है। रेणु शर्मा ने जिस साहस के साथ इस सिंडिकेट पर प्रहार किया है, वह पुलिस महकमे की सोई हुई आंखों को खोलने के लिए काफी है।”

बिटिया फाउंडेशन ने जताया गर्व
इस ऐतिहासिक सफलता पर बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा संख्यान और उनकी पूरी टीम ने रेणु शर्मा को हार्दिक बधाई दी है। संस्था ने कहा कि रेणु शर्मा न केवल एक निडर अधिकारी हैं, बल्कि वे नारी शक्ति का वह प्रतीक हैं जो समाज की जड़ों को खोखला करने वाली बुराइयों को जड़ से उखाड़ फेंकने का माद्दा रखती हैं।
