सम्पादक :- दीपक मदान
हरिद्वार। राजनीति और प्रशासन जब एक साथ जनसेवा के संकल्प के साथ धरातल पर उतरता है, तो परिवर्तन स्पष्ट दिखने लगता है। कल ज्वालापुर के धीरवाली, रामलीला ग्राउंड और गुघाल रोड क्षेत्र में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब रानीपुर विधायक आदेश चौहान और जिलाधिकारी हरिद्वार ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।
निरीक्षण के दौरान विधायक और जिलाधिकारी ने केवल मुख्य मार्गों तक सीमित न रहकर क्षेत्र की संकरी गलियों और मोहल्लों का पैदल भ्रमण किया। जिलाधिकारी ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून से पूर्व नालों की सफाई में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नालों से अतिक्रमण हटाया जाए और जो लोग नालियों में गोबर बहाकर व्यवस्था को बाधित कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल: ‘जमीन से जुड़े’ जिलाधिकारी
अमूमन देखा जाता है कि उच्च अधिकारी वातानुकूलित कमरों से व्यवस्थाओं की निगरानी करते हैं, लेकिन हरिद्वार के वर्तमान जिलाधिकारी ने अपनी कार्यशैली से इस धारणा को बदल दिया है। उनका गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर जमीनी हकीकत जानना यह दर्शाता है कि वे जनता की समस्याओं के प्रति कितने गंभीर हैं।
स्थानीय निवासियों ने भी डीएम साहब की प्रशंसा करते हुए कहा कि एक ऐसा जिलाधिकारी जो खुद नालों और गलियों की स्थिति देखने पहुंच जाए, उससे व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद और बढ़ जाती है। सड़क, सफाई और जलभराव जैसे बुनियादी मुद्दों पर उनकी पैनी नजर और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने उन्हें आम जनमानस के बीच लोकप्रिय बना दिया है।
विधायक और डीएम की जुगलबंदी: विकास का नया अध्याय
विधायक आदेश चौहान की दूरदृष्टि और जिलाधिकारी की प्रशासनिक सक्रियता ने एक मिसाल पेश की है। जहां विधायक चौहान विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, वहीं डीएम साहब सुनिश्चित कर रहे हैं कि सरकारी योजनाओं और सफाई व्यवस्था का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
