सुधार संवाद : ब्यूरो
हरिद्वार : सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सेक्टर-2, बीएचईएल रानीपुर में शनिवार को आयोजित वंदना सत्र में विद्या भारती (पश्चिम उत्तर प्रदेश) के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अन्थवाल ने भी सहभागिता की। वंदना सत्र के उपरांत प्रधानाचार्य ने श्री साहू को पटका पहनाकर और बैज लगाकर उनका औपचारिक स्वागत किया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डोमेश्वर साहू ने भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति और देश के स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से सीख लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे असंख्य वीरों का महान त्याग और बलिदान है।

उन्होंने रानी दुर्गावती के अदम्य साहस और स्वाभिमान का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए किस प्रकार वीरतापूर्वक संघर्ष किया।

वीर सावरकर के राष्ट्रप्रेम, चंद्रशेखर आजाद की निर्भीकता और शहीद भगत सिंह के राष्ट्र के प्रति अद्वितीय समर्पण का उदाहरण देते हुए उन्होंने युवाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

अपने संबोधन के दौरान श्री साहू ने स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति केवल हमारी पहचान मात्र नहीं, बल्कि हमारी वास्तविक शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी महान परंपराओं, महापुरुषों और राष्ट्र के प्रतीकों का सदैव सम्मान करें। कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति के मूल्यों और संस्कारों को अपने दैनिक जीवन में उतारने का संकल्प लिया।

