दीपक मदान
हरिद्वार, 13 अगस्त 2026 जिला एवं सत्र न्यायालय रोशनाबाद, हरिद्वार के अधिवक्ता फरमान अली ने रानीपुर क्षेत्र के अंतर्गत मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में दर्ज की गई आपत्तियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। अधिवक्ता के माध्यम से भेजे गए एक कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि एक स्थानीय निवासी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर मनगढ़ंत और झूठी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जिससे क्षेत्र के मतदाताओं में भारी रोष और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला रानीपुर विधानसभा क्षेत्र (संख्या 26 बी.एच.ई.एल. रानीपुर) के बूथ संख्या 185 का है। यहां बी.एल.ए. 2 (बूथ लेवल एजेंट) के रूप में कार्यरत फरमान अली की ओर से गणपती विहार कॉलोनी निवासी विकास कुमार पुत्र राजेंद्र को यह नोटिस प्रेषित किया गया है।

नोटिस में मुख्य रूप से दो गंभीर बिंदु उठाए गए हैं:
प्रारूप 7 का दुरुपयोग और मानसिक प्रताड़ना: आरोप है कि नोटिसी (विकास कुमार) द्वारा बिना किसी ठोस साक्ष्य के कुल 22 आपत्तियां दर्ज कराई गईं, जो पूरी तरह से निराधार और झूठे कथनों पर आधारित हैं। इससे न केवल बी.एल.ए. बल्कि उन तमाम लोगों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है जिनके नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। नियमों का उल्लंघन और साक्ष्यों का अभाव: नियमानुसार एक व्यक्ति अधिकतम पांच लोगों के नाम पर ही आपत्ति दर्ज करा सकता है, किंतु इस मामले में नियमों की अनदेखी करते हुए 22 आपत्तियां दी गईं। साथ ही, दर्ज कराई गई आपत्तियों के साथ किसी प्रकार का वैध साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

सार्वजनिक माफी और आपत्तियां वापस लेने की चेतावनी
कानूनी नोटिस के माध्यम से संबंधित व्यक्ति को कड़े शब्दों में चेतावनी दी गई है कि वह नोटिस प्राप्ति के 3 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से (लिखित एवं मौखिक रूप से) माफी मांगे और बी.एल.ओ. (बूथ लेवल ऑफिसर) उषा रानी के समक्ष दर्ज कराई गई अपनी आपत्तियों को वापस ले।
इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि आपत्तियां वापस नहीं ली जाती हैं, तो संबंधित व्यक्तियों को अलग-अलग प्रारूप 7 के साथ अपने सभी साक्ष्य उपलब्ध कराने होंगे। तय समय सीमा समाप्त होने के बाद प्रभावित लोगों द्वारा सक्षम न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व नोटिसी का होगा।
